Budget 2019-20

kendriya budget 2019-20 ke mukhya bindu
करदाताओं के लिए
5 लाख तक की सालाना आमदनी वाले करदाताओं को टैक्स में अब पूरी छूट
6.50 लाख तक की आय वाले करदाताओं को कोई टैक्स नही, यदि वे भविष्य निधि, विशेष बचतों में निवेश करते हैं
वेतनभोगियों के लिए स्टैण्डर्ड डिडक्शन 40,000 से बढ़ाकर 50,000 किया गया
ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से 30 लाख की गयी
बैंक/डाकघर में जमा राशि के ब्याज पर टीडीएस सीमा 10,000 से बढ़ाकर 40,000 किया गया
किराये पर कर कटौती के लिए टीडीएस सीमा को 1,80,000 से 2,40,000 तक करने का प्रस्ताव
24 घंटे में रिटर्न प्रोसेस कर तुरंत रिफंड दिया जायेगा
2 वर्ष के भीतर सभी रिटर्न का सत्यापन और मूल्याकन इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जायेगा

मध्यम, लघु व सूक्ष्म उद्योग के लिए
"DIPP" का नाम बदलकर डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज एंड इन्टर्नल ट्रेड कर दिया गया
सालाना 5 करोड़ रूपये से कम टर्नओवर वाले व्यापारियों, 90% से ज्यादा GST प्रदाताओं को तिमाही रिटर्न फाइल करने की अनुमति मिलेगी
रजिस्टर्ड मध्यम, लघु व सूक्ष्म उद्योगों को 1 करोड़ रूपये तक के ऋण पर 2% तक की छूट मिलेगी
अब सरकारी उपक्रमों द्वारा 25% संसाधन लघु एवं मध्यम उद्योगों से जुटाए जायेंगे. इसमें से कम से कम 3% सामग्री महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्योगों से ली जाएगी

कृषि क्षेत्र में किसानों के सशक्तिकरण के लिए
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के आवंटन में वृद्धि, चालू वर्ष के लिए 750 करोड़ रूपये
पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए किसानों को कर्ज में 2% ब्याज की छूट
मत्स्य पालन के लिए अलग विभाग बनाया जायेगा
भीषण प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित सभी किसानों को 2% ब्याज की छूट पर और समय पर पुनर्भुगतान करने पर 3% ब्याज की अतिरिक्त छूट

किसानों की आय दोगुनी करने हेतु
2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों को आर्थिक मदद
प्रत्येक किसान के बैंक खाते में सीधे 6000 रूपये प्रति वर्ष 3 किस्तों में ट्रांसफर किया जायेगा
12 करोड़ छोटे किसानों को मिलेगा लाभ
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कुल परिव्यय 75,000 करोड़

प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानथन योजना और श्रमिकों के लिए
29 वर्ष की उम्र में इस पेंशन योजना से जुड़ने वाले कामगारों को 3000 रूपये मासिक पेंशन दिया जायेगा
असंगठित क्षेत्र के कामगार को केवल 100 रूपये प्रतिमाह का अंशदान 60 वर्ष की उम्र तक करना होगा
असंगठित क्षेत्र के 10 करोड़ श्रमिकों व कामगारों को होगा लाभ
राष्ट्रीय पेंशन योजना को और उदार बनाया गया - कर्मचारियों का हिस्सा 10% रहेगा जबकि सरकार का योगदान बढ़ाकर 14% किया गया
श्रमिकों का बोनस 3500 से बढ़ाकर 7000 किया गया जबकि ग्रेच्युटी के भुगतान की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया
सर्विस के दौरान किसी श्रमिक की मृत्यु होने की स्थिति में ईपीएफओ से राशि निकासी की सीमा 2.5 लाख से 6 लाख किया गया

केंद्रीय बजट 2019-20 के तहत प्रस्तावित आवंटन
मनरेगा के लिए - 60,000 करोड़ रूपये
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए- 19,000 करोड़ रूपये
एससी के कल्याण के लिए- 76,801 करोड़ रूपये
एसटी के कल्याण के लिए- 50,086 करोड़ रूपये
देश का रक्षा बजट- 3 लाख करोड़ के पार
एकीकृत बल विकास योजना के लिए- 27,584 करोड़ रूपये
रेलवे के लिए- 64,587 करोड़ रूपये