Karmdharaya samas aur Bahubrihi samas me antar
कर्मधारय और बहुब्रीहि समास में अंतर -
कर्मधारय समास - कर्मधारय समास में या तो पहला पद विशेषण और दूसरा पद विशेष्य होता है या फिर एक पद उपमेय और दूसरा पद उपमान होता है|

बहुब्रीहि समास - बहुब्रीहि समास में दोनों पद मिलकर किसी तीसरे पद की और संकेत करते हैं|

समस्त पद के विग्रह के अंतर से कर्मधारय समास और बहुब्रीहि समास के अंतर को भलीभांति समझा जा सकता है-

समस्त पदविग्रहसमास
महावीरमहान है जो वीरकर्मधारय
महान है जो वीर (हनुमान)बहुब्रीहि
महात्मामहान आत्माकर्मधारय
महान है जिसकी आत्मा (कोई महापुरुष)बहुब्रीहि
पीतांबरपीत(पीला) है जो अम्बर(वस्त्र)कर्मधारय
पीले अम्बर हैं जिसके (कृष्ण)बहुब्रीहि
नीलकंठनीला है जो कंठकर्मधारय
नीला है कंठ जिसका (शिव)बहुब्रीहि
कमलनयनकमल जैसे नयनकर्मधारय
कमल जैसे नयन हैं जिसके (श्रीकृष्ण)बहुब्रीहि