Gadya garima me sankalit patho ke lekhako ka sankshipt parichay

वासुदेवशरण अग्रवाल - वासुदेवशरण अग्रवाल जी का जन्म सन 1904 खेड़ा (मेरठ) में हुआ था। इनकी भाषा शुद्ध परिमार्जित संस्कृतनिष्ठ खड़ी बोली थी। इनकी शैली विचारात्मक, गवेषणात्मक, व्याख्यात्मक, भावात्मक, उद्धरण थी। ये शुक्लोत्तर युग के लेखक थे। इनकी मृत्यु सन 1967 को हुई थी।
वाशुदेवशरण अग्रवाल के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
निबन्ध - पृथ्वी पुत्र, कल्पलता, वाग्धारा, कल्पवृक्ष, कला और संस्कृति, भारत की एकता, माता भूमिः।
शोध - पाणिनिकालीन भारतवर्ष
आलोचना-ग्रन्थ - जायसीकृत पद्मावत की संजीवनी व्याख्या, बाणभट्ट के हर्षचरित का सांस्कृतिक अध्ययन
सम्पादन - पालि प्राकृत


जैनेन्द्र कुमार - जैनेन्द्र कुमार जी का जन्म सन 1905 कौड़ियागंज (अलीगढ़) में हुआ था। इनकी भाषा सरल सुबोध विषयानुकूल भाषा थी। इनकी शैली विचारात्मक, विवरणात्मक, मनो-विश्लेषणात्मक, भावात्मक, प्रश्नात्मक थी। ये शुक्लोत्तर युग के लेखक थे। इनकी मृत्यु सन 1988 को हुई थी।
जैनेन्द्र कुमार के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
निबन्ध - प्रस्तुत प्रश्न, पूर्वोदय, मंथन, प्रेम और परिवार
उपन्यास - परख, त्याग-पत्र, सुखदा, मुक्तिबोध
कहानी - वातायन, नीलम देश की राजकन्या, फांसी, जयसंधि
संस्मरण - ये और वे
अनुवाद - मन्दाकिनी, पाप और प्रकाश, प्रेम में भगवान


कन्हैयालाल 'प्रभाकर' - कन्हैयालाल जी का जन्म सन 1906 देवबन्द (सहारनपुर) में हुआ था। इनकी भाषा सरल सुबोध, व्यवहारिक, प्रौढ़ परिमार्जित खड़ी बोली थी। इनकी शैली भावात्मक, वर्णात्मक, नाटकीय थी। ये शुक्लोत्तर युग के लेखक थे। इनकी मृत्यु 9 मई, 1995 को हुई थी।
कन्हैयालाल के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
रेखाचित्र - माटी हो गई सोना, भूले बिसरे चेहरे, जिंदगी मुस्काई
लघु कथा - आकाश के तारे, धरती के फूल
संस्मरण - दीप जले शंख बाजे
ललित निबन्ध - क्षण बोले कण मुस्काये, बाजे पायलिया के घुंघरू
सम्पादन - नया जीवन तथा विकास


हजारीप्रसाद द्विवेदी - हजारीप्रसाद जी का जन्म सन 1907 दूबे का छपरा (बलिया) में हुआ था। इनकी भाषा शुद्ध परिमार्जित प्रौढ़, सरस मुहावरेदार खड़ी बोली थी। इनकी शैली विचारात्मक, गवेषणात्मक, आलंकारिक, भावात्मक, व्याख्यात्मक थी। ये शुक्लोत्तर युग के लेखक थे। इनकी मृत्यु 9 मई, 1979 को हुई थी।
हजारीप्रसाद द्विवेदी के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
निबन्ध - अशोक के फूल, कुटज, विचार प्रवाह
उपन्यास - बाणभट्ट की आत्मकथा, पुनर्नवा, चारुचंद्र लेख, अनामदास का पोथा
आलोचना - कबीर, सूर, साहित्य का मर्म
इतिहास - हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी साहित्य का आदिकाल
सम्पादन - नाथ-सिद्धो की बनिया, सन्देश रासक


सच्चीदानंद हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय' - सच्चीदानंद जी का जन्म सन 1911 करतारपुर (जालन्धर) में हुआ था। इनकी भाषा विषयानुकूल, परिमार्जित खड़ी बोली थी। इनकी शैली वर्णात्मक, विवेचनात्मक, आलोचनात्मक, भावात्मक, व्यंग्यात्मक, संबोधनात्मक थी। ये प्रयोगवादी युग के लेखक थे। इनकी मृत्यु सन 1987 को हुई थी।
सच्चीदानंद के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
निबन्ध - आत्मनेपद, लिखि कागद कोरे
कहानी - विपथगा, शरणार्थी, तेरे ये प्रतिरूप, परम्परा
नाटक - उत्तर प्रियदर्शी
उपन्यास - शेखर: एक जीवनी, नदी के द्वीप
यात्रा-साहित्य - अरे यायावर रहेगा याद, एक बूँद उछली
आलोचना - त्रिशुंक, हिंदी साहित्य : एक आधुनिक परिदृश्य
सम्पादन - विशाल भारत, सैनिक, प्रतीक, दिनमान


जी० सुन्दर रेड्डी - रेड्डी जी का जन्म सन 1919 आँध्रप्रदेश में हुआ था। इनकी भाषा भावानुकूल शुद्ध, परिमार्जित खड़ी बोली थी। इनकी शैली विवेचनात्मक, प्रश्नात्मक, आलोचनात्मक, गवेषणात्मक थी। ये स्वातंत्र्योत्तर युग के लेखक थे।
जी० सुन्दर रेड्डी के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
साहित्य और समाज, मेरे विचार, वैचारिकी, शोध और बोध, हिंदी और तेलगू : एक तुलनात्मक अध्ययन


हरिशंकर परसाई - हरिशंकर जी का जन्म सन 1924 जमानी (इटारसी) मध्यप्रदेश में हुआ था। इनकी भाषा सरल और व्यावहारिक भाषा थी। इनकी शैली व्यंग्य और विनोद्प्रधन, आत्मपरक, प्रश्नात्मक तथा सूत्रात्मक थी। ये स्वातंत्र्योत्तर युग के लेखक थे। इनकी मृत्यु 10 अगस्त, 1995 को हुई थी।
हरिशंकर परसाई के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
निबन्ध - तब की बात और थी, शिकायत मुझे भी है, भूत पाँव पीछे, सदाचार की ताबीज
कहानी - हँसते हैं रोते हैं, जैसे उनके दिन फिरे
उपन्यास - रानी नागफनी की कहानी, तट की खोज


मोहन राकेश - मोहन राकेश जी का जन्म सन 1925 अमृतसर में हुआ था। इनकी भाषा संस्कृतनिष्ठ शुद्ध, परिमार्जित खड़ी बोली थी। इनकी शैली वर्णात्मक, भावात्मक, आत्मपरक, शब्द-चित्रात्मक थी। ये स्वातंत्र्योत्तर युग के लेखक थे। इनकी मृत्यु सन 1972 को हुई थी।
मोहन राकेश के द्वारा रचित प्रमुख रचनाएँ
निबन्ध - परिवेश, बकलमखुद
कहानी-संग्रह - क्वार्टर, पहचान, वारिस
नाटक - आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंश, आधे अधूरे
उपन्यास - अँधेरे बन्द कमरे, न आने वाला कल, अन्तराल
यात्रावृत्त - आखिरी चट्टान तक
एकांकी - अंडे के छिलके, दूध और दांत (अप्रकाशित एकांकी)
सम्पादन - सारिका