इस वर्ष 'रॉयल स्वीडिश अकादमी ऑफ साइंस' ने भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए ब्रिटेन के तीन वैज्ञानिको को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया है ।  डेविड थोउलेस, डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्तेरलित्ज को यह अवार्ड 'पदार्थ के विचित्र रूपों' का अध्यन कर उसका रहस्य सुलझाने के लिए दिया जायेगा । इस खोज से भविष्य में छोटे और तेज कंप्यूटरों के निर्माण में नयी क्रांति आयेगी । 82 वर्षीय डेविड थोउलेस यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के प्रोफेसर रह चुके हैं । 65 वर्षीय डंकन हाल्डेन न्यूजर्सी के प्रिस्टन यूनिवर्सिटी में भौतिकी के प्रोफेसर हैं और 73 वर्षीय माइकल कोस्टरलिट्ज़ ब्राउन यूनिवर्सिटी में भौतिकी के अध्यापक हैं।

क्या है आविस्कर !
तीनो वैज्ञानिको ने उच्च गणित के ज्यामिती विस्तार वाले 'टोपोलॉजी' यानि संस्थिति विज्ञान का इस्तेमाल कर के पदार्थ के विलक्षण अवस्थाओं का रहस्य उजागर किया है । वैज्ञानिकों ने पदार्थ के विलक्षण स्वरूपों (सूपरकंडक्टर्स, सूपरलुइड्स या मैग्नेटिक फिल्मे) की असामान्य अवस्थाओं का अध्यन करने के लिए अत्याधुनिक गणितीय पद्धति 'टोपोलॉजी' का इस्तेमाल किया ।

कितनी मिलेगी पुरस्कार राशि
कुल पुरस्कार राशि 80 लाख स्वीडिश क्रोनर (931000 डॉलर) प्रदान की जायेगी । पुरस्कार की आधी राशि डेविड थोउलेस को दी जायेगी बाकि आधी राशि को डंकन हाल्डेन और माइकल कोस्टरलिट्ज़ के बीच बांटा जायेगा ।