वर्ष 2016 में शांति का नोबेल पुरस्कार के लिए कोलम्बिया के राष्ट्रपति हुआन मानुएल सांतोस को चुना गया है । उन्हें यह पुरस्कार कोलम्बिया में 50 वर्षों से चल रही गृह युद्ध खत्म करने के प्रयासों के लिए दिया जा रहा है । उन्होंने 26 सितंबर को देश में सक्रिय विद्रोही संगठन रेवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया (फार्क) के साथ शांति समझौता किया था । कोलंबिया का गृह युद्ध दुनिया के सबसे जानलेवा संघर्षों में गिना जाता है. 1964 में शुरू हुई इस लड़ाई के अंत तक करीब दो लाख बीस हजार लोगों की जान जा चुकी है और 80 लाख लोग विस्थापित हुए ।

पुरस्कार की घोषणा करते हुए नोबेल कमेटी ने कहा कि यह अवॉर्ड कोलंबियाई जनता को समर्पित है, जिन्होंने ढेरों मुश्किलें झेलीं और शांति की उम्मीद को बरकरार रखा। नोबेल कमेटी ने उम्मीद जताई कि अब यह देश गरीबी, सामाजिक भेदभाव और ड्रग्स के चंगुल से आजाद हो सकेगा । कोलंबिया के राष्ट्रपति हुआन मानुएल सांतोस और फार्क नेता करीब चार साल से जारी वार्ताओं के दौर के बाद समझौते तक पहुंचे थे । नॉर्वे की नोबेल कमेटी की प्रमुख काची कुलमन फाइव ने कहा, “इस बात का खतरा है कि शांति प्रक्रिया खत्म हो जाए और गृह युद्ध फिर से भड़क उठे. इसलिए जरूरी है कि दोनों ही पक्ष युद्धविराम का सम्मान करें ।

फार्क विद्रोहियों के साथ शांति समझौते से पहले कोलंबिया की सरकार ने देश में जनमत संग्रह कराया था। यह जनमत संग्रह शांति समझौते को लेकर हुआ था, जिसे 50.2 फीसदी लोगों ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बावजूद राष्ट्रपति संतोस 49.8 फीसदी लोगों के समर्थन के साथ आगे बढ़े। चार बार कोशिश की और आखिरकार विद्रोहियों के साथ समझौता करने में सफल हो गए। इसके संकेत उन्होंने जनमत संग्रह के बाद ही दे दिए थे और कहा था कि शांति के लिए आखिरी मिनट तक कोशिश करेंगे ।

सांतोस को नोबेल पुरस्कार के तहत 80 लाख स्वीडिश क्रोनर यानी 9.24 लाख डॉलर की राशि मिलेगी. शांति का नोबेल छह नोबेल पुरस्कारों में अकेला ऐसा पुरस्कार है जिसकी घोषणा स्वीडन में नहीं, बल्कि नॉर्वे में होती है. नोबेल पुरस्कार शुरू करने वाले अल्फ्रेड अपनी इस पहल में नॉर्वे को भी जोड़ना चाहते थे क्योंकि उस वक्त नॉर्वे और स्वीडन का आपस में एक संघ था ।