सिकन्दर का भारत पर आक्रमण - सिकन्दर यूनान के मकदूनिया प्रान्त का निवासी था। 326 ई०पू० में भारत पर आक्रमण किया था, किन्तु व्यास नदी से आगे नहीं बढ़ पाया था। सिकन्दर के आक्रमण के समय पश्चिमोत्तर भारत पर दो राजा शासन कर रहे थे।
1. आम्धी
2. पोरस (पुरु)

राजा आम्धी सिकन्दर के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। किन्तु सिकन्दर और पोरस के बीच महत्वपूर्ण युद्ध 'झेलम का युद्ध' हुआ था।
'झेलम का युद्ध' अथवा 'वितस्ता का युद्ध' अथवा 'हाईडेस्पीच का युद्ध' - झेलम का युद्ध राजा पोरस और सिकन्दर के मध्य लड़ा गया था। किन्तु युद्ध का परिणाम सिकन्दर के पक्ष में गया था। सिकन्दर पोरस से पूछा था कि पोरस तुम्हारे साथ कैसा बर्ताव किया जाय। पोरस बड़े ही गर्व से कहा था, कि एक राजा दूसरे राजा के साथ जैसा बर्ताव करता है। वैसा तुम भी मेरे साथ करोगे।
सिकन्दर पोरस कि बहादुरी से प्रसन्न होकर इसके सम्पूर्ण राज्य को वापस कर दिया।
भारत विजय करने की उदेश्य से सिकन्दर अपने सैनिकों के साथ पूर्व कि तरफ बढ़ना चाहता था, किन्तु सिकन्दर के सैनिक व्यास नदी के आगे बढ़ने से इनकार कर दिया क्योंकि सैनिको को गृहवियोग सता रहा था। सिकन्दर का जब सारा प्रयास निष्फल हो गया तो सिकन्दर सैनिकों को व्यास नदी से वापस यूनान जाने ka आदेश दिया था।
सिकन्दर भारत में दो नगरो को बसाया था।
1. निकैया - रण क्षेत्र
2. बऊकेफला - प्रिय घोड़े के नाम पर
दोनों नगर वर्तमान में पाकिस्तान में हैं।

सिकन्दर का प्रिय घोड़ा बऊकेफला झेलम नदी के किनारे मारा गया था।
सिकन्दर के गुरु का नाम अरस्तु था।
सिकन्दर के निम्नलिखित सेनापति थे।
1. सेल्यूकस निकेटर
2. निर्याकस

सिकन्दर की मृत्यु - 323 ई० पू० यूनान के बेबीलोन में बीमारी के कारण मृत्यु हुई थी।