टमाटर से होगी बिजली उत्पादन
ऊर्जा के विकल्प के रूप में एक और खोज

भविष्य में ऊर्जा संकट को देखते हुए वैज्ञानिको के नित नए खोज आ रहे हैं। इसी संकट को देखते हुए साउथ डेकोटा स्कूल आफ साइन्स एन्ड टेक्नोलॉजी के भारतीय मूल के प्रोफेसर जी वेंकटरमन टमाटर बैटरी बनाने में सफलता पाई है। 

इस तरह से बनेगी बिजली
शोधकर्ताओं के मुताबिक सड़े हुए टमाटरों में एक खास वैक्टीरिया मिलाया जायेगा। यह वैक्टीरिया सड़े हुए टमाटरों में रासायनिक परिवर्तन कर उन्हेंऑक्सीडाईट कर देगा। इस रासायनिक प्रक्रिया के चलते टमाटरों से इलेक्ट्रान अलग हो जायेंगे। इन्ही इलेक्ट्रानों का प्रयोग बिजली बनाने में किया जायेगा।

टमाटर बैटरी के फायदे
फ्लोरिडा में उपभोग से अधिक टमाटर उत्पादन होने से हर साल लगभग चार लाख टन टमाटर फेंकना पड़ता है। जो सड़ने के बाद पर्यावरण प्रदूषित करते हैं। इन टमाटरों का बिजली बनाने में उपयोग होने से पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा और टमाटर खपत का एक न्य स्थान भी मिलेगा।
शोधकर्ताओं का दावा है की फ्लोरिडा में बने 101 वर्ग किमी डिज्नी लैंड पार्क को शहर के सड़े हुए टमाटरों से तीन महीने तक बिजली उपलब्ध करे जा सकती है।

ऐसे संरक्षित होगी टमाटर बैटरी में बिजली
टमाटर में रेड कैरोटीन नामक तत्व होता है जो बिजली उत्तपन्न करने के लिए अच्छा उत्प्रेरक होता है। टमाटरों से निकली हुई इलेक्ट्रान के रूप में ऊर्जा को फ्यूल सेल में संरक्षित किया जायेगी। फ्यूल सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में बदल देते हैं।

उत्पादन
शोधकर्ताओं के मुताबिक अभी 10 मिली ग्राम टमाटर से 0.3 वाट की बिजली उत्पन्न हो रहा है। अभी खामियां ढूंढकर उन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।