अमेरिका की क्रांति |America ki kranti

सन् 1442 ई० में कोलम्बस ने एक नई दुनिया (अमेरिका) की खोज की। इस खोज से यूरोपीय शक्तियाँ - फ़्रांसिसी, डच, स्पेनिश, अंग्रेज आदि इस महाद्वीप में उपनिवेश स्थापित करने लगे। शुरू में स्पेन सबसे आगे था। लेकिन धीरे-धीरे वहां फ़्रांस और अग्रेज ही बचे। 17वीं शताब्दी तक अंग्रेजो ने वहाँ 13 उपनिवेश स्थापित किये।

   अंग्रेजो के अत्याचार और शोषण से ऐसी परिस्थितियाँ उत्तपन्न हो गयीं कि अमेरिकी आंदोलन के लिए बाध्य हो गए। जार्ज वाशिंगटन के नेतृत्व में अमेरिकी वासियों ने अंग्रेजो के विरुद्ध आंदोलन का विगुल बजा दिया। जिसके परिणाम स्वरूप अंग्रेजो को अमेरिका छोड़ना पड़ा।

अमेरिकी क्रांति के कारण

अंग्रेज सरकार द्वारा अमेरिकी वासियों का अत्यधिक आर्थिक शोषण और अमानवीय व्यवहारों ने अमेरिकनों ने अंग्रेज के विरुद्ध विद्रोह कर दिया।अंग्रेज सरकार ने ऐसे कानून बनाये जो अमेरिकियों के हिट में नही थे। अमेरिकी क्रांति के निम्नलिखित कारण थे। 
1. अंग्रेज सरकार के कठोर कानून - अंग्रेज सरकार के द्वारा ऐसे कठोर कनून बनाये गए जो अमेरिकियों के हित में नही थे। जिसके परिणाम स्वरूप अमेरिकियों को विद्रोह के लिए विवश होना पड़ा।
2. बोस्टन चाय पार्टी की घटना - बोस्टन चाय पार्टी घटना के कारण अंग्रेजी सरकार ने दमनकारी नीति चलाई जिसके परिणाम स्वरूप अमेरिकी जनता ने विद्रोह को और तेज कर दिया।
3. स्टाम्प एक्ट 1765 ई० - सन् 1765 ई० में अंग्रेजी सरकार ने स्टाम्प एक्ट नामक एक नया कानून पारित किया, इस कानून से अमेरिकी जनता पर करों का भोझ लद गया। इंग्लैंड की पार्लियामेंट में कोई भी अमेरिकी प्रतिनिधि न होने के कारण अमेरिकियो ने एक नया नारा दिया 'प्रतिनिधित्व नही तो टैक्स नही' (No taxation without representation)।
4. फिलाडेल्फिया की सभा 1775 - सन् 1775 ई० में 13 अमेरिकी राज्यों ने अग्रेजो के विरुद्ध फिलाडेल्फिया में एक सभा आयोजित की जिसे कांग्रेस का नाम दिया गया। इस सभा में अंग्रेज सरकार के कर के विरुद्ध एक प्रस्ताव पारित किया गया कि अग्रेजो का हम पर कर लगाने का कोई अधिकार नही है। अंग्रेजी सरकार ने इस माँग को अस्वीकार कर दिया जिसके परिणाम स्वरूप अमेरिकी आंदोलित हो गए।
5. धार्मिक मतभेद - इंग्लैंड के बहुत से लोग जो रोमन कैथोलिक चर्च को नही मानते थे अमेरिका आकर बस गए।  फलतः अमेरिकियों और अंग्रेजो में धार्मिक मतभेद क्रांति का कारण बना।
6 . सरकारी पदों पर दोषपूर्ण नियुक्ति - उच्च सरकारी पदों पर केवल इंग्लैंड निवासी ही नियुक्त किये जाते थे और अमेरिकियों को उच्च पदों के लिये अयोग्य माने जाते थे। जो अमेरिकी क्रांति का कारण बना।
7. स्वार्थपरक व्यापर-नीति - इंग्लैंड सरकार ने अमेरिकियों पर कई प्रकार के व्यापारिक प्रतिबन्ध लगाये। अमेरिकी अपनी मुख्य कृषि उपजों को केवल अंग्रेजो को ही बेच सकते थे जिसके परिणाम स्वरूप अमेरिकी आंदोलित हो गए।
8. स्वतन्त्रता की भावना - कई प्रसिद्ध लेखको ने अमेरिकी उपनिवेशों में स्वतन्त्रता की भावना को विकसित किया। जैसे - जेफरसन (Jafferson), टॉमस पेन (Thomos Paine), जॉन मिल्टन (John Milton), जॉन लॉक (John Lock)
9. करों की अधिकता - अंग्रेजी सरकार ने उपनिवेशों की सुरक्षा के लिए धन की प्राप्ति के लिए अतिरिक्त कर लगाये। जिसका विरोध होने लगा।
10. आयात कर - इंग्लैंड सरकार ने 1767 ई० में अमेरिका में बाहर से आयातित उत्पादों पर आयात कर लगा दिया जो क्रन्ति का कारण बना।

अमेरिकी क्रांति की प्रमुख घटनाएँ

1. स्टाम्प एक्ट 1765 - सन् 1765 ई० में अंग्रेजी सरकार ने 'स्टाम्प एक्ट' कानून पारित किया। इस कानून का अमेरिकी वाशियों पर करों भार अत्यधिक हो गया। इसके विरोध में सभी अमेरिकी उपनिवेशों ने 'मैसच्युसेट' के सभा में घोषणा की कि 'प्रतिनिधित्व नही तो कर नही'। इस सभा का अंग्रेज सरकार पर बहुत बड़ा असर पड़ा, और उन्हें 1766 ई० में 'स्टाम्प एक्ट' वापस लेना पड़ा।
2. बोस्टन चाय पार्टी - सन् 1773 ई० में जब अंग्रेजी जहाज चाय की खेप लेकर बोस्टन (अमेरिकी बन्दरगाह) पर पहुँचा, तो अमेरिका के निवासियों ने रेड इंडियन के वेषभूसा में चाय पर लगाये गए कर के विरोध में चाय की पेटियों को समुद्र में फेंक दिया। यह घटना 'बोस्टन टी पार्टी' के नाम से प्रसिद्ध है।
3. बोस्टन हत्याकांड - 1770 ई० से 1773 ई० के बीच बोस्टन नगर में अमेरिकी नागरिको एवं अंग्रेज सैनिको के बीच संघर्ष हुए। ब्रिटिश सरकार के आदेश पर अमेरिकी नागरिको को गोलियों से भून दिया गया। इस घटना अमेरिकी अत्यधिक उत्तेजित हो गए।
4. फिलाडेल्फिया सम्मेलन - अमेरिका के सभी ब्रिटिश उपनेवेशों के प्रतिनिधियों ने 1774 ई० में फिलाडेल्फिया में प्रथम महाद्वीपीय सम्मेलन किया। इस सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित कर राजा जार्ज तृतीय के पास भेज गया, जिसमे अमेरिकियो पर लगाये गए उद्योग एवं व्यापार कर को तुरन्त हटा लेने की मांग की गयी थी, साथ ही यह मांग की गयी थी कि बिना उपनिवेशों के सहमति के उन पर किसी प्रकार का कर न लगाया जय। ब्रिटिश सरकार ने इसे क्रांति का प्रतीक मानकर इसका दमन करने लगी। जिसके परिणाम स्वरूप 1775 ई० में अमेरिकियो ने अंग्रेजो के विरुद्ध आंदोलन आरम्भ कर दिया।
5. द्वितीय महाद्वीपीय सम्मेलन - 4 जुलाई, 1776 ई० को उपनिवेशों ने दूसरा महाद्वीपीय सम्मेलन किया। इस सम्मेलन में पूर्ण स्वतन्त्रता की प्राप्ति की घोषणा की गयी। 1776 ई० की इस घोषणा के बाद अमेरिकियों ने पूर्ण रूप से स्वतन्त्र राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से स्वतंत्रता संग्राम आरम्भ कर दिया।
6. अमेरिकी स्वतन्त्रता की घोसणा और स्वाधीनता-संग्राम का आरम्भ - 4 जुलाई, 1776 ई० को अमेरिका ने स्वतन्त्रता की घोषणा कर दी और इसी के साथ स्वतन्त्रता आंदोलन प्रारम्भ हो गया। यह युद्ध 1783 ई० तक चला। इस युद्ध में जार्ज वाशिंगटन ने अमेरिकी सेना का नेतृत्व किया। 1783 ई० में पेरिस की संधि हुई। इसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका का जन्म हुआ और 1789 ई० में अमेरिका का लिखित संविधान भी बनकर तैयार हो गया।
7. सारागोटा में ब्रिटिश सेना की पराजय - सन् 1777 ई० में ब्रिटिश जनरल बरगायने के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना सारागोटा में घेर ली गयी। सेनापति ने जार्ज वाशिंगटन के सामने शस्त्र डाल दिए।
8. यॉर्क टाउन में अंग्रेजो की पराजय - सन् 1781 ई० में लार्ड कार्नवालिस यॉर्क में बुरी तरह पराजित हुआ। इसके परिणाम स्वरूप 1783 ई० में वर्षाय की सन्धि हुई।