पहला नियम -  यदि कोई वस्तु विराम अवस्था मे है तो वह विराम अवस्था मे ही रहेगी और यदि एक समान वेग से सीधी रेखा मे चल रही हे तो वैसे ही चलती रहेगी । जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल लगा कर उसकी वर्तमान अवस्था मे परिवर्तन न किया जाए ।
दूसरा नियम - किसी वस्तु पर लगाया बल उस वस्तु के द्रव्यमान तथा उस वस्तु मे बल की दिशा मे उत्पन्न त्वरण के गुणनफल के अनुक्रमानुपात होता है । यदि F न्यूटन का बल लगाने पर  m  द्रवयमान की वस्तु मे मी/से*से का त्वरण उत्पन्न होता है  तब F=m.a
तीसरा नियम - प्रत्येक क्रिया की परमाण मे बराबर, परंतु विपरीत दिशा मे एक प्रतिक्रिया होती है
न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम - ब्रम्हांड मे किन्ही दो पिंडो के बीच कार्य करने वाला आकर्षण बल पिन्डो द्रव्यमानो के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती, तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है । इसकी दिशा दोनो पिंडो को मिलाने वाली रेखा के सीध मे होती है।
F=G*m1*m2/r*r
न्युटन के गुरुत्वाकर्षण नियतांक -  गुरुत्वाकर्षण नियतांक परिमाण मे उस आकर्षण बल के बराबर है जो एक दूसरे से एकांक दूरी पर स्थित एकांक द्रव्यमान वाले दो पिंडो के बीच कार्य करता है ।